आमंत्रण: शासन में महिला नेतृत्व – सहभागिता से नेतृत्व तक
शुक्रवार, 13 मार्च 2026, नई दिल्ली
भारतीय समाज में महिला नेतृत्व कोई नई अवधारणा नहीं है। यह उस सभ्यता में गहराई से निहित है, जो माँ दुर्गा, माँ काली, माँ लक्ष्मी, माँ सरस्वती, सीता माँ और अन्य अनेक दिव्य स्वरूपों की पूजा के माध्यम से नारी शक्ति का सम्मान करती है। भारतीय परंपरा में महिलाओं को लंबे समय से शक्ति, ज्ञान, समृद्धि, करुणा और पालन-पोषण की शक्ति के रूप में सम्मानित किया गया है, जिन्होंने समाज की नैतिक और सांस्कृतिक आधारशिला को आकार दिया है।
आधुनिक भारत में, विशेष रूप से 1947 के बाद, शासन भारत के संविधान की प्रगतिशील और समावेशी भावना को प्रतिबिंबित करता है, जो राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की समानता और सक्रिय भागीदारी की कल्पना करता है। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के अंतर्गत कानून के समक्ष समानता की गारंटी दी गई है तथा भेदभाव को निषिद्ध किया गया है, जिससे महिलाओं को सार्वजनिक जीवन और शासन में पुरुषों के समान अवसर प्राप्त होते हैं।
भारत ने इस दृष्टि को वास्तविकता में बदलने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के माध्यम से पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की गईं, जिससे देश भर में लाखों महिलाओं के लिए जमीनी स्तर के लोकतंत्र के द्वार खुले। इन सुधारों के माध्यम से महिलाएँ केवल भागीदारी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ीं और स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता तथा सामाजिक कल्याण जैसे विषयों पर समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
महिला प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि नीतियाँ और कल्याणकारी योजनाएँ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचें। उनके नेतृत्व ने शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया है।
इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, 106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गई हैं, जिससे शासन में महिलाओं के नेतृत्व को और सशक्त बनाया गया है।
इस परिवर्तनकारी यात्रा का उत्सव मनाने की भावना के साथ, हम आपको कार्यक्रम “शासन में महिला नेतृत्व: सहभागिता से नेतृत्व तक” में सादर आमंत्रित करते हैं।
तिथि: 13 मार्च 2026 (शुक्रवार)
समय: शाम 4:00 बजे – 6:30 बजे
पंजीकरण के लिए यहाँ क्लिक करें:
https://forms.gle/tkhRpvKD7vi5sJ1G6
आपकी गरिमामयी उपस्थिति इस संवाद को समृद्ध करेगी और एक सशक्त तथा अधिक समावेशी भारत के निर्माण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को और दृढ़ बनाएगी।

